blogid : 724 postid : 290

बुढ्ढों का इश्क

Posted On: 28 Mar, 2011 में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

यह इश्क है जो बूढ़े को भी जवान बना सकता है. अब इश्किया में खालू जान को ही देख लीजिए बालों को रंगा-रंगा के भी कृष्णा को अपना दिल दे बैठे. बुद्धू यह नहीं जानते थे कि खालू का भांजा बब्बन भी कृष्णा के पीछे है. लेकिन कृष्णा तो निकली सबसे सयानी दोनों का उल्लू काट दिया उसने और बब्बन को कहने को मजबूर कर दिया कि.

 

“तुम्हारा इश्क …इश्क और हमारा इश्क इश्किया”

 

यह बुढ्ढे भी उम्र के साथ-साथ बेवकूफ हो जाते हैं. कहते हैं कि जवान क्या इश्क करते हैं, इश्क तो बुढ्ढे करते हैं, उन पर हम मरते हैं, दिलों जान से प्यार करते हैं. लेकिन जनाब, कोई इन्हें समझाए कि इश्क बुढ्ढों के करने की चीज़ नहीं, तीर गलत लग जाए तो दर्द दिल को होता है.

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

ऑडियो में सुनिए बुढ्ढों का इश्क

| NEXT



Tags:                       

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 3.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran